कोल्हापुर टोल प्लाजा : आखिर हुआ क्या था ?

Toll plaza burnt by shivsena in Kolhapur, Maharashtra

Pic : www.Outlookindia.com

रविवार का दिन कोल्हापुर टोल प्लाजा के संचालकों पर बहुत भारी गुजरा, शिव-सेना के सैंकड़ो कार्यकर्ताओं की भीड़ ने चार टोल बूथ को पूरी तरह नष्ट कर दिया, यहाँ तक कि कुछ में तो आगजनी कि घटनाएं भी हुईं।  सवाल उठता है कि आखिर ऐसा क्यों हुआ? क्या वजह थी इस विध्वंश के पीछे?

आई आर बी इंफ्रास्ट्रक्चर एक इंजिनीरिंग कम्पनी है जो कोल्हापुर में ओक्टुबर २०१३ से कार्यरत है एवं हाइवेज का रखरखाव और नवीनीकरण का कार्य करती है।  गुस्सा तब फूटा जब कम्पनी ने टोल वसूलना शुरू कर दिया जबकि सड़कों को काफी मरम्मत कि जरुरत थी। करीब हफ्ता भर पहले शिव-सेना के कुछ कार्यकर्ताओं ने भूख हड़ताल भी की थी इसी मुद्दे को लेकर, इसपर महाराष्ट्र के गृह मंत्री सतेज पाटिल एवं श्रम मंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि सर्कार टोल कम्पनी को कह कर टोल वसूली रुकवाएगी। इस आश्वासन के बाद शिव-सेना ने अपना अनशन ख़त्म कर दिया, किन्तु जब बाद में सर्कार द्वारा कोई कदम टोल प्लाजा के खिलाफ नहीं उठाये गए तथा टोल कम्पनी लगातार टोल वसूलती रही तो लोगों का गुस्सा भड़क उठा, जिसकी परिणीति रविवार को टोल प्लाजा के विध्वंश के रूप में सामने आयी।  इस घटना को शायद रोका जा सकता था किन्तु सरकार कि उदासीनता ने ही इस घटना को उग्र रूप देने में महती भूमिका निभायी।

ऐ आर बी के अनुसार उनके ६ टोल बूथ को नुकसान पहुँचाया गया जिसकी कीमत कम्पनी के अनुसार एक करोड़ रूपये से भी ज्यादा है।  इनमे जनरेटरर्स, कम्प्यूटर्स, सीसी टीवी कैमरा एवं एक़ुइपमेंट्स, यूपीएस, ट्राली एवं फर्नीचर के अलावा कुछ नगद रकम भी शामिल है। अब तक पुलिस ने लगभग १५०० लोगों को इस मामले में गिरफ्तार किया है और कईओं कि तलाश जारी है।  इस घटना में मुख्य रूप से कोल्हापुर कि मेयर सुनीता राउत, शिव सेना ऍम अल ए राजेश क्षीरसागर, चंद्रदीप नरके एवं सुनील राउत के नाम शामिल है. पुलिस का कहना है कि इसके अलावा ‘स्वाभिमान शेतकरी संगठन’ के खिलाफ भी कार्यवाही की जा रही है, पुलिस का कहना है कि दोषी चाहे जो भी हो उन्हें बक्शा नहीं जायेगा।

इस घटना के विरोध में शिव सेना ने महाराष्ट्र बंद का आह्वान किया है, एवं दूसरी तरफ टोल कम्पनी ने फिर से टोल वसूलना शुरू कर दिया है, अब ये तो समय ही बतायेगा की ये चिंगारी दावानल बनती है या फिर चुपके से बुझ जाती है।

 

इस्माइल।

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About ishmile khan

A Pen is always mightier then a Sword; that's what Ismail believes. He operates many blogs, social sites pages and writes for social issues & causes. Active member of PETA, AHRC, Greenpeace, Save arctic, world peace organizations and similar fields.

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