मोदी की बाते हवाई तो नहीं?

narendra modi prime minister candidateदेश भर में भारतीय जनता पार्टी के प्रधान मंत्री पद के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी रैली कर रहे है और हर रैली में तरह तरह के आश्वासन देते हुए नज़र आ रहे है. उन्होंने अपने हर भाषण में कहा की अगर जनता उन्हें 60 महीने शासन का अवसर देगी तो वो उनकी ज़िन्दगी बदल देंगे. लेकिन उनके 45 मिनट के भाषण में कहीं कोई ठोस आश्वासन नज़र नहीं आता. उनकी बाते व्यावहारिक नज़र आती, कुछ हवाई हवाई सी लगती है. आजकल देश के लोग नेताओ के वादे सुनने के लिए रैली या टीवी नहीं देखते, लोग ये सोचते है और समझने की कोशिश करते है की जो वादा नेताजी कर रहे है, वो उसे पूरा कैसे करेंगे. लोग समस्या और समाधान नहीं सुनना चाहते, लोग समाधान की प्रक्रिया के बारे में जानना चाहते है. उदहारण के तौर पर मोदी की ही एक बात ले लेते है. मोदी ने कहा की वो विदेशो में जमा काले धन को वापस लायेंगे. लेकिन मोदी ने ये नहीं कहा की वो इस काले धन को कैसे वापस लायेंगे. क्या वो बाबा रामदेव के कालेधन को वापस लेन के तरीके से सहमत है? तो कुल मिलकर मोदी के ये वादा हवाई लगता है. ये केवल एक उधाहरण है, ऐसे कई आपको मिल जायेंगे.

अर्थक्रांति के टैक्स रहित भारत के प्रस्ताव पर भी मोदी ने खुल कर कुछ नहीं बोला. आखिर मोदी भ्रष्टाचार (अपनी पार्टी का, कांग्रेस सहित सभी दलों का) कैसे दूर करेंगे? देश समाधान चाहता है, समस्या गिनाने से अब काम नहीं चलेगा. इस देश का मालिक (जनता) अब सेवक (मंत्री) से समस्या पर नहीं, समाधान पर चर्चा चाहती है. बाबा रामदेव के कार्यक्रम में मोदी को ध्यान से सुना,उम्मीद थी की कालेधन की वापसी का रोड मैप मोदी दिखाएंगे,लेकिन मोदी ने यहाँ वहां की बातो में कालेधन की बात को टाल दिया और कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया। जब मोदी से कोई आश्वासन नहीं मिला,तो बाबा ने खुद मोदी की ओर से आश्वासन दिया, शायद उनके कार्यकर्ताओ को शांत करने का यही एक मात्र पर्याय था।

मोदीजी की नज़र में सिर्फ कांग्रेस का भ्रष्टाचार अपराध है जब की देश में बीजेपी और कांग्रेस को सामान नज़रो से देखा जा रहा है. राजनीती के विषय में लोगो राय पूछे तो लोग कहते है “सब चोर है”. मोदी केवल समस्या गिनाते है, जब की देश उनसे समाधान की अपेक्षा कर रहा है. लोग मोदी से पूछेंगे की गडकरी के ड्राईवर और नौकर कैसे प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में डायरेक्टर बन गए? लोग येदुरप्पा के बारे में भी पूछेंगे की क्या लोकायुक्त जस्टिस संतोष हेगड़े की येदुरप्पा के खिलाफ रिपोर्ट गलत है? क्या सुप्रिम कोर्ट ने येदुरप्पा के मामले में सीबीआई जांच के आदेश नहीं दिए?

मोदी अक्सर गुड गवर्नेंस (सुशासन) की बाते करते है, लेकिन उस सुशासन का मतलब क्या है, ये आजतक हमे नहीं बताया गया. देश की जनता केवल साक्षर नहीं, अब शिक्षित भी हो गयी है. लोग अब हर बात पर हामी नहीं भरते, सवाल करते है और तब तक करते है जब तक उन्हें जवाब नहीं मिल जाता. हमे बीजेपी के घोषणा पत्र का इंतज़ार रहेगा और हम उसे भी पढ़ कर ये समझने की कोशिश करेंगे की जो वादे बीजेपी कर रही है, उसे पूरा करने का कोई रोडमैप बीजेपी के पास है भी या केवल हर बार की तरह ये भी वादे हवाई होंगे. यहाँ मुद्दा ये नहीं है की मोदी अपने वादे पुरे कर पायेंगे या नहीं, मुद्दा ये है की क्या उनकी नियत है इन सारे वादों पर खरा उतरने की? अगर नियत है तो फिर समाधान का रास्ता क्यों नहीं दिखाते?

Photo: http://www.narendramodi.in/

लेखक के विचार निजी है, आवाज़ आपकी लेखक के विचारो से सहमत होने के लिए बाध्य नहीं है.

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About Yogesh Mandhani

Businessman by Profession, Journalist by Passion. Began Social life with Janlokpal Agitation led by Anna Hazare, now working for a media which will work without any fear or favour. Report all the news and views which affects common man of this nation. Also if any hard evidence is available, I would like to write on any issue which is concealed by Mainstream Media for reasons what so ever. It gives immense satisfaction and pleasure working at Awaz Aap Ki.

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