राजनैतिक मंथन का दौर

loksabha elections 2014

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इस नए साल के साथ कुछ खास बातें देखने में आ रहीं हैं जिनमे सबसे खास बात है देश की दो सबसे बड़ी राजनैतिक पार्टियों की आंतरिक मंथन प्रक्रिया।  इससे पहले कभी कांग्रेस और बीजेपी में इतने बड़े स्तर पर आत्ममंथन देखने में नहीं आया, हालांकि समय-समय पर ये हुआ जरुर है किन्तु इस बार जैसी शिद्दत से नहीं। क्या इसका मतलब ये लगाया जाय कि कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही अब देश प्रगति के प्रति सचेत हो गई हैं? या फिर दोनों पार्टियों में सच्ची सेवा भावना पैदा हो गई है ? मगर अफ़सोस ऐसा कुछ नहीं है, इनके आत्ममंथन का असली कारन है एक नयी पार्टी ‘आप’ का उदय और लोगो में इसकी लोकप्रियता।  बीजेपी और कांग्रेस अच्छी तरह ये जान चुकी हैं कि अब जनता जागरूक हो चुकी है और उसे ज्यादा देर तक बेवकूफ नहीं बनाया जा सकता, आज जनता को हर चीज का हिसाब चाहिए, किये गए वादों को अब भारत की जनता भूलने को तैयार नहीं है। इसी का नतीजा है १७ जनवरी २०१४ को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में कांग्रेस का और रामलीला मैदान में बीजेपी का चिंतन, मनन और आत्ममंथन।

कांग्रेस के मंथन में देश के प्रधानमंत्री श्री मनमोहन सिंह ने कांग्रेस की उपलब्धियों को जनता के सामने रखा और कहा कि कैसे कांग्रेस ने मंहगाई को कम किया और कैसे देश की प्रगति को आगे बढ़ाया, हालाँकि ये अलग बात है कि उनके जादुई आंकड़े आम जनता के सिरों के काफी ऊपर से गुजर गए। बेचारी जनता ये नहीं समझ पा रही है कि जब हर आंकड़े प्रगति दिखा रहे हैं तो ये ‘ससुरी’ मंहगाई कम क्योँ नहीं हुई, क्योँ पेट्रोल और डीजल के दामों में आग लगी हुई है क्योँ जनता कि जीना दूभर होता जा रहा है? कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी बीजेपी के खिलाफ  मोर्चा खोलते हुए कहा कि, कांग्रेस कभी ख़त्म नहीं हो सकती, लोकतंत्र कभी एक आदमी से नहीं चलता ये एक सामूहिक प्रयास से ही सम्भव है।  उन्होंने आगे कहा कांग्रेस देश की हर बिरादरी से सलाह लेकर अपना मेनिफेस्टो बनाएगी जिसमे किसानो, मजदूरों एवं गरीबों की सलाह भी शामिल होगी।  राहुल गांधी ने बीजेपी को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि बीजेपी लोगों की धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ करती है और समाज में जातपात फैलाकर सत्ता हासिल करना चाहती है, जिसे कांग्रेस किसी भी सूरत में नहीं होने देगी। इसके साथ ही राहुल गांधी ने कहा कि चुनाव के बाद ही पार्टी तय करेगी कि अगला प्रधानमंत्री कौन होगा, और जिसे भी जिम्मेदारी दी जायेगी वो उसे स्वीकार करेगा।

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राहुल गांधी ने आम आदमी पार्टी को भी नहीं छोड़ा, उन्होंने कहा कि आप मार्केटिंग करने में आगे है, आप गंजों को भी कंघी बेच सकती है। इसके साथ ही इस सभा को सोनिया गांधी, गुलाम नबी आज़ाद, पी चिदंम्बरम, मणि शंकर अय्यर आदि ने भी सम्बोधित किया।

दूसरी तरफ रामलीला मैदान से श्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि, कांग्रेस देश कि सबसे बड़ी सांप्रदायिक पार्टी है, वहीँ राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि समय आने पर देश कि जनता मणिशंकर अय्यर को जवाब देगी। बीजेपी के श्री अरुण जेटली ने कहा कि कांग्रेस सिर्फ पार्टी चला सकती है देश नहीं, राहुल गांधी को शायद कांग्रेस ने भविष्य के लिए बचाकर रखा हुआ है। अभिनेत्री जूही चावला ने कहा देश को नरेंद्र मोदी जैसे प्रधानमंत्री कि जरुरत है। श्री जेटली ने मणि शंकर अय्यर कि बात का जवाब देते हुए कहा कि एक चाय वाला ही कांग्रेस के साम्राज्य को ध्वस्त करेगा २०१४ के चुनाव में।

जैसे जैसे लोकसभा २०१४ के चुनाव नजदीक आ रहे हैं आरोप प्रत्यारोप का दौर जोर पकड़ने लगा है, कोई भी पार्टी पीछे नहीं रहना चाहती, अपने वादे और इरादे जनता को गिनाये जा रहे हैं। सुनहरे सपनो के सब्ज बाग दिखाना शुरू हो चुका है, अब देखना ये है कि देश की जनता आखिर कितनी जागरूक हुई है इन पार्टियों के प्रति, कहीं फिर से तो इनके झांसो में नहीं आ जायेगी ? ये तो खैर वक़्त ही बतायेगा, हम तो सिर्फ आशा ही कर सकते हैं।

इस्माइल।।

Photos : http://www.thehindu.com/ and http://www.ndtv.com/

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About ishmile khan

A Pen is always mightier then a Sword; that's what Ismail believes. He operates many blogs, social sites pages and writes for social issues & causes. Active member of PETA, AHRC, Greenpeace, Save arctic, world peace organizations and similar fields.

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