केदारनाथ का दोषी कौन ? भाग 5 (मीडिया की नजर से)

uk_floods_

उत्तराखंड में १६ जून २०१३ को हुए हादसे के बाद सरकार की ओर से दावों और वादों की जैसे झड़ी लग गई लेकिन एसी कमरों में बनी योजनायें धरातल पर कितनी उतर पाई हैं. उत्तराखंड में ताजा हालात को लेकर आवाज आपकी की जांच में कुछ चौंकाने वाले तथ्य सामने आये हैं जिन्हें हम लगातार आपके सामने रखते रहेंगे. लेकिन उसके पहले १६ जून से लेकर अब तक सरकार द्वारा किये गए दावों को लेकर और उनके क्रियांवयन को लेकर अब तक मुख्य अखबारों में छपी खबरों के माध्यम से इसे समझने का प्रयास करेंगे जिसकी चौथी कड़ी (पढ़िए पहली कड़ी) (पढ़िए दूसरी कड़ी) (पढ़िए तीसरी कड़ी) (पढ़िए चौथी कड़ी) आपके सामने हैं:-

उत्तराखंड त्रासदी: 60 दिन में सिर्फ छह किमी चली सरकार

१७ अगस्त, २०१३, आपदा को आए 60 दिन बीत गए लेकिन केदारघाटी के हालात अब भी बिल्कुल वैसे ही हैं, जैसे तबाही छोड़ गई थी। संपर्क मार्ग और पैदल रास्तों की छोड़िए, केदारनाथ हाइवे तक इन 60 दिनों में छह किलोमीटर से आगे नहीं खुल पाया। अब तो केदारघाटी में कोई सुध लेने वाला भी नजर नहीं आता। लगता है केदारनाथ में मंदिर की सफाई के साथ सरकार की सारी जिम्मेदारियां पूरी हो गई। रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाइवे तबाही के बाद जिस हाल में था, अब भी कमोबेश वैसा ही है। रुद्रप्रयाग से चंद्रापुरी पहुंचने के लिए विजयनगर से गवनी के बीच ‘खोला’ गया हाइवे कदम-कदम पर मौत को निमंत्रण दे रहा है। अगस्त्यमुनि निवासी चंद्रमोहन नैथानी बताते हैं कि जरा सी बारिश होने पर विजयनगर से आगे का सफर किसी भी पल आखिरी सफर साबित हो सकता है। 15 दिन के अंतराल में दो वाहन यहां मंदाकिनी की लहरों में समा चुके हैं।

उत्तराखंड श्रद्धांजलि सभा में पीड़ितों से भद्दा मजाक

19 August 2013, उत्तराखंड त्रासदी के दो महीने बाद भी हजारों परिवार जिंदगी की जद्दोजहद में लगे हैं लेकिन जिम्मेदार लोग श्रद्धांजलि के नाम पर पीड़ित परिवारों के साथ मजाक कर रहे हैं। हरिद्वार में केद्रीय मंत्री हरीश रावत ने श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जिसमें नृत्य प्रतियोगिता के साथ-साथ शानदार डिनर का भी आयोजन किया गया।हरीश रावत का कहना है कि उन्होंने महादेव को प्रसन्न करने और मृत आत्माओं की शांति के लिए आयोजन किया गया। श्रद्धांजलि सभा के लिए शहर में बड़ी-बड़ी होर्डिंग लगाई, नाच-गाना और डिनर पार्टी हुई लेकिन चुनावी मौके पर सियासी माहौल बनाने में जुटे हरीश रावत को कुछ भी गलत नजर नहीं आ रहा।

उत्तराखंड त्रासदी : केदारघाटी में चार दिनों में 160 से ज्यादा शव मिले

सितम्बर 7, 2013, उत्तराखंड आपदा में मरने वालों की संख्या में लगातार वृद्धि दर्ज हो रही है। केदरानाथ मंदिर के रास्ते में 68 शव और मिले हैं, जो उन श्रद्धालुओं के माने जा रहे हैं जो जून में आई जल प्रलय से बचने के लिए पहाड़ियों पर चढ़ गए और वहां भूख तथा ठंड से उनकी मौत हो गई।

उत्तराखंड त्रासदी पर झूठ बोल रही सरकार

१०, सितम्बर, २०१३, उत्तराखंड के प्रसिद्ध हिन्दू तीर्थ स्थल केदारनाथ एवं बद्रीनाथ में आई प्राकृतिक आपदा में मध्य प्रदेश के लापता लोगों की संख्या को लेकर राज्य सरकार झूठ बोल रही है। शासन ने सभी जिला कलेक्टरों से सर्वे कराने के बाद प्रदेश के 542 लापता यात्रियों की सूची उत्तराखंड सरकार को भेजी है। जबकि उत्तराखंड सरकार ने सभी राज्यों के लापता यात्रियों की जो सूची जारी की है, उसमें मप्र के यात्रियों की संख्या 1032 बताई गई है।

केदारनाथ में पूजा शुरू, शामिल नहीं हो सके सीएम बहुगुणा

11 September 2013, उत्तराखंड में बुधवार को राजधानी देहरादून सहित कई स्थानों पर बारिश हुई जिसकी वजह से मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा केदारनाथ मंदिर में दोबारा शुरू हुई पूजा में शामिल नहीं हो पाये। उत्तराखंड में आई तबाही के बाद केदारनाथ मंदिर में फिर से पूजा-अर्चना शुरू हो गई। 86 दिनों पहले आई त्रासदी में उत्तराखंड में जानमाल का भारी नुकसान हुआ था। केदारनाथ मंदिर भी तबाही की चपेट में आया था जिसके बाद से वहां पूजा बंद हो गई थी।

उत्तराखंड त्रासदी पीडितों के राहत चेक हुए बाउंस

Sep 24 2013, उत्तराखंड में आपदा पीड़ितों को दिए गए राहत के चेक बाउंस हो गए हैं. उत्तराखंड की त्रासदी में हजारों लोगों ने जान गंवाई और हजारों लापता हुए लेकिन सरकार ने राहत के नाम पर लोगों के साथ मजाक किया है. लोग राहत के चेक लेकर बैंक के चक्कर काट रहे हैं और चेक बाउंस होने के बाद खाली हाथ लौट रहे हैं.

Share this:

PinIt

About Satish Sharma

Satish Sharma is Editor, Hindi of Awaz Aapki. Writes in many News Papers & Magazines as Columnar, Analyst. Like to work as Citizen Journalist. Doing his bit of work in raising voice of unheard. Currently he is managing two shows of Awaz Live TV named Mashal and Manthan also.

Top