विवादित सप्ताह

 

 

Pic: www.telegraphindia.com

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जनवरी का पहला सप्ताह राजनीतिक दृष्टि से देखने पर विवादों से परिपूर्ण रहा। पहला विवाद उत्सुकता लिए हुए था, कि देखें २ जनवरी को आम आदमी पार्टी अपना बहुमत साबित कर पाती है या नहीं? अटकलों का बाज़ार गर्म रहा, कोई कहता साबित कर देगी तो दूसरा कहता, नहीं बहुमत साबित करने के वक़्त आप को कांग्रेस जरुर पटकनी मारेगी । हलाकि, कांग्रेस ने बार बार दुहाई दी कि वो जरुर समर्थन देंगे आप को दिल्ली विधानसभा में बहुमत साबित करने पर, लेकिन हर किसी के मन में फिर भी संशय तो था ही।  दूसरी ओऱ बीजेपी पूरी कोशिश में लगी हुई थी कि किसी भी तरह आप को ढेर करो, लेकिन बीजेपी ये भी कहती रही कि आप तो कांग्रेस कि ‘बी’ टीम है, इन सब विरोधाभास के बावजूद भी लोग आश्वस्त नहीं थे कि बहुमत साबित होगा या नहीं।  आप के तरफ से अरविन्द केजरीवाल ने कहा कि आप को बहुमत मिले या न मिले पर जनता तो हमारे साथ ही है, और जो चुनाव होने पर दोनों राष्ट्रीय पार्टियों को मुंह कि कहानी पड़ेगी।  खैर शुक्र है कि ऐसी नौबत नहीं आई और आप ने आसानी से अपना बहुमत सदन में साबित कर दिया।

सप्ताह का दूसरा विवाद आप के बहुमत साबित करने के दूसरे दिन तब हुआ जब आप के मंत्रियों ने चमचमाती हुई इन्नोवा कार ली, रही सही कसर पूरी हुई अरविन्द केजरीवाल के नए बंगले में जेन कि ख़बरों को  लेकर।  लोगों को और विपक्षी पार्टियों को जब पता चला के मुख्यमंत्री महोदय ५-५ कमरो वाले दो घरों में रहेंगे और फ़िलहाल वहाँ रंग रोगन का काम जारी है तो बीजेपी और कांग्रेस को तो जैसे मन मांगी मुराद मिल गई,  शब्दों के बाण चलना शुरू हो गए आप पर, कि देखा हम तो पहले ही कहते थे ये सब ढोंग है।  जनता ने भी आक्षेप लगाया, क्योंकि उनके अनुसार आप ने अपने वचन को भंग किया है।  सारा मामला शांत हुआ जब केजरीवाल ने नए बंगले में जाने से मन कर दिया, दरअसल आप से लोगों कि आशाएं इतनी ज्यादा हैं कि उनमे थोडा सा भी विचलन जनता की बर्दाश्त से बाहर हो जाता है।

और सप्ताह का तीसरा विवाद हुआ प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा बीजेपी के प्रधान्मंत्री पद के

Pic: www.Sarkaritel.com

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उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के लिए कहे गए शब्दों से कि, नरेंद्र मोदी का P.M. बनाना देश के लिए विनाशकारी साबित होगा, जिसके बारे में हम कल चर्चा कर ही चुके हैं। एक और विवाद बनते बनते रह गया जब अरविन्द केजरीवाल ने लोकसभा २०१४ के चुनाव में खड़ा होने से साफ़ मन कर दिया, हलाकि विवाद कुछ आगे नहीं बढ़ पाया.

तो दोस्तों ये था इस सप्ताह का लेखा जोखा, कृपया हमे अपने विचारों से अवश्य अवगत कराएं ताकि हम और अछे से आपकी सवा कर सकें।

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About ishmile khan

A Pen is always mightier then a Sword; that's what Ismail believes. He operates many blogs, social sites pages and writes for social issues & causes. Active member of PETA, AHRC, Greenpeace, Save arctic, world peace organizations and similar fields.

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